मेरे खत से …

गुजरे ग्रीष्म से लाया हूँ गर्मी मेरे बातों की, 

दिल-ये-ठंडक भी मेरी कर्ज है सर्दी के उन रातों की …

उन पतझड़ों से भी ढूंढ लाया हूँ कुछ पत्तों को,
कभी कोशिश करना पढ़ने को मेरे खतों को …

चंद ही सही पर बिखरे जज़्बात मिलेंगे,
रोशनी से परेशान वो मेरे रात मिलेंगे …

आशंकाओं से घिरे आशाएं कि- कभी हम साथ मिलेंगे,
जो कभी हो न पायी बयाँ वो मेरे बात मिलेंगे …

मन को भिगाने वाले, मेरे मौन आँखों के वो प्रपात मिलेंगे,
सह गया जिसे मैं चुपचाप, अनगिनत ऐसे आघात मिलेंगे …

लिखी है जिससे विरह और आलिंगन, आँखों में मेरे वे दवात मिलेंगे,
सीमित है जो बस मेरे दिल के दरारों तक, आँसुओं के वो बरसात मिलेंगे …

मेरी ये उलझी, परेशान ज़िन्दगी है सबसे अलग, यूँ तो तुम्हे बहुत उजड़े हयात मिलेंगे,
ज़िद है मेरी, मेरी ही उजड़ी दुनिया का, अगर ढूंढूं तो कितने ही आबाद कायनात मिलेंगे …

वो तो मन है मेरा, यादों के पहलू में ही सोने का, जो एक इशारा जो कर दूं, कितने पारिजात मिलेंगे,
करता वही हूँ जो मन को मंजूर है, दिल की जो सुन लूं तो हर रोज़ एक करामात मिलेंगे …

अपनों के वहम में ही गुज़ार दूंगा ये ज़िन्दगी, सत्य बताने वाले ग़ैर बहुतात मिलेंगे

© कुमार सोनल

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बेख़बर

शायद बेख़बर है वो, मेरे अंदाज़-ए-नजरअंदाज़ से,

जो ख़बर में रहती है, बस मुझे ख़बर करने को …

कैद में है ये दिल …

कैद में है ये दिल मेरा तेरे यादों के कमरे में
सोच में पड़ा हूँ तेरे ईश्क़ का चश्मा रहने दूँ या उतार दूँ …

© Kumar Sonal

अतीत

झाँकोगे जो कभी अतीत में अपने, बदलते रिश्तों के ख़रोंच दिखेंगे
मन का अफ़सोस, दिल के दर्द संग आँसुओ के, निःसंकोच दिखेंगे

© कुमार सोनल

She & He

Most vivid amongst the memories of his home town was She —

Everyone was asleep but He consciously stared the moon whole night feeling Her.

Everyone was at work but he was still dreaming of her in the Sunny …

Everyone were in room He was on the roof.
Everyone were in the roof and he was in the room.

Everyone was pointing to her cleavage $ there was one staring in her eyes.

Everyone was appraising her beauty there was one waiting for her voice.

Everyone was wishing for one night stand and There was one praying to be her till his death

Everyone was enjoying n exploring their lust there was one who was holding his heart ….

He was none other than myself.